888 अवैध रजिस्ट्री का महाघोटाला – ज़मीन की लूट, आदेशों की मौत और अफसरशाही की मिलीभगत
(विजयमत, 09 सितम्बर 2025, शहडोल संस्करण के हवाले से) 24 न्यूज़ चैनल की पड़ताल में सामने आया कि शहडोल ज़िले में दर्ज 888 अवैध रजिस्ट्री ने पूरे जिले की प्रशासनिक…
“कहीं लाइन गोल, कहीं लाइन खड़ी — बिजली विभाग का 11 के.वी. घोटाला, जिसमें खंभे गायब, ट्रांसफार्मर उड़ गए और एक किसान की जेब एटीएम बन गई”
शहडोल। बिजली विभाग का कमाल देखिए—जहाँ जनता महीनों बिजली कटौती से जूझती है, वहीं विभाग के अफसर और आउटसोर्स कर्मचारी 11 के.वी. लाइन के नाम पर करामाती खेल खेल रहे…
आज चंद्रग्रहण: धार्मिक आस्था और वैज्ञानिक रहस्य ग्रहण काल में जप और दान का विशेष महत्व, वैज्ञानिकों ने बताया प्राकृतिक घटना
शहडोल – आज रात आकाश में घटने वाली खगोलीय घटना चंद्रग्रहण को लेकर आमजन में उत्सुकता और श्रद्धा दोनों का माहौल है। हिंदू धर्मग्रंथों में इसे राहु-केतु की छाया से…
जब अहंकार ने नियमों को सस्पेंड कर दिया
संपादकीय एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र से हाल ही में जो घटनाक्रम सामने आया है, उसने विभागीय अनुशासन और नियमावली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी अमित सिंह द्वारा बिना…
जब अहंकार ने नियमों को सस्पेंड कर दिया एसईसीएल में नोटिस का नया खेल – अनुमति बाद में, मनमर्जी पहले
शहडोल, एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र में इस समय सबसे गर्म चर्चा किसी प्रोजेक्ट या उत्पादन पर नहीं, बल्कि एक अफसर की मनमर्जी पर हो रही है। मामला है अमित सिंह का,…
संपादकीय
“जमीन की रजिस्ट्री में खेल… अब जवाबदेही किसकी?” शहडोल ज़िले में बिना अनुमति ज़मीन की रजिस्ट्री सिर्फ़ एक प्रशासनिक गलती नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में गहरे बैठे भ्रष्टाचार और…
11 के.व्ही. लाइन घोटाला: 6 साल में खड़े-खड़े गायब हो गए पोल-ट्रांसफार्मर, एम.डी. मौन
शहडोल। पकरिया तिराहा से मंजीत सिंह के ढाबा तक वर्ष 2018 में स्थापित 11 के.व्ही. विद्युत लाइन (11 पोल, ट्रांसफार्मर, तार व इन्सुलेटर) वर्ष 2024 तक खड़े-खड़े रहस्यमय तरीके से…
शहडोल में ज़मीन रजिस्ट्री घोटाला! अफसर-माफिया की मिलीभगत बेनक़ाब, कलेक्टर ने बनाई जाँच समिति
बिना अनुमति दर्जनों ज़मीनों की रजिस्ट्री, राजस्व संहिता को ताक पर रखकर हुआ बड़ा खेल; अब जनता को इंतज़ार, दोषियों पर गिरेगी गाज या होगी लीपापोती? शहडोल। ज़िले में ज़मीन…
“पड़रिया कांड: जब भ्रष्टाचार ने किसानों का हक़ लूटा और सिस्टम चुप रहा”
संपादकीय पड़रिया कांड ने साबित कर दिया कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार कितना गहरा है। किसान से अवैध वसूली, ट्रांसफार्मर चोरी और अवैध लाइन — यह सब किसी छोटे कर्मचारी…








