24 NEWS | आस्था का महाआगमन: 25 वर्षों बाद फिर इतिहास रचेगा बुढार, 35 जिनबिंबों के साथ धर्मनगरी बनेगा नगर

बुढार (24 न्यूज़)। शहडोल जिले का बुढार नगर एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। धार्मिक आस्था, संस्कृति और श्रद्धा का विराट संगम 18 फरवरी को देखने मिलेगा, जब सकल दिगंबर जैन समाज बुढार-धनपुरी के तत्वावधान में प्रातः 7:30 बजे श्री वासुपूज्य जिनालय, कॉलेज तिराहा से मूल नायक श्री 1008 शांतिनाथ भगवान सहित 24 तीर्थंकरों एवं नवग्रह जिनबिंबों की भव्य आगवानी के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी।धार्मिक ध्वज, मंगल वाद्य और जयघोष के बीच यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर बाल ब्रह्मचारी अभय भैया जी के मार्गदर्शन में रेलवे स्टेशन के समीप स्थित नव निर्मित भव्य जैन मंदिर पहुंचेगी। आयोजन को लेकर पूरे नगर में उत्साह और भक्ति का वातावरण चरम पर है।

25 वर्षों बाद बना ऐतिहासिक संयोगविशेष बात यह है कि बुढार में इस प्रकार का पंचकल्याणक महोत्सव पहली बार 24 से 29 अप्रैल 2001 के बीच आयोजित हुआ था। अब लगभग 25 वर्षों बाद पुनः ऐसा पावन संयोग बन रहा है, जिससे समाजजनों में विशेष उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के अनुसार यह आयोजन पुराने गौरवशाली क्षणों की यादों को फिर से जीवंत कर देगा।

इतिहास में पहली बार 35 जिनबिंबों का एक साथ पदार्पण

इस बार का आयोजन और भी विशेष इसलिए है क्योंकि नगर के इतिहास में पहली बार 35 नवीन जिनबिंबों का एक साथ प्रवेश होगा। धार्मिक दृष्टि से इसे अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी अवसर माना जा रहा है, जो बुढार को आध्यात्मिक पहचान की नई ऊंचाई देगा।

25 फरवरी से 2 मार्च तक गूंजेगा पंचकल्याणक एवं गजरथ महोत्सव

आगामी 25 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक पूज्य मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव का आयोजन होगा। सात दिवसीय इस महोत्सव में धार्मिक विधान, प्रवचन, पूजन, शोभायात्राएं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर रहेगा।

सामाजिक समरसता और सेवा भावना का अनूठा उदाहरण

आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए समाज के सभी वर्ग सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मंदिर परिसर एवं मार्गों की सजावट, श्रद्धालुओं के स्वागत, आवास एवं भोजन व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन मिलकर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं।

बुढार की पहचान को मिलेगा नया आयामधार्मिक एवं सामाजिक जानकारों का मानना है कि यह आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बनेगा बल्कि बुढार को प्रदेश के धार्मिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाला साबित होगा।

समाज की अपील

सकल दिगंबर जैन समाज बुढार-धनपुरी ने सभी नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से इस दिव्य आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ एवं पुण्यार्जन करने की अपील की है।

24 NEWS DESK | बुढार

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