“तलवार नहीं… विचारों की यात्रा”

24 NEWS SPECIAL

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0 का दिल्ली से शुभारंभ

दिल्ली / वृंदावन / बागेश्वर धाम।
देश में सनातन एकता और हिंदू समाज को जोड़ने का संदेश लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0 का आज दिल्ली के कात्यायनी माता मंदिर से शुभारंभ किया। यह पदयात्रा उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में जाकर संपन्न होगी।

पदयात्रा के शुभारंभ के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु, संत, साधु-संत और युवा इस अभियान से जुड़ते दिखाई दिए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का बड़ा काफिला लगातार बढ़ रहा है और इसे विचारों की जागरण यात्रा माना जा रहा है।


शास्त्री जी ने दिया स्पष्ट संदेश

यात्रा की शुरुआत पर संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा —

“हम तलवार नहीं, विचारों की लड़ाई लड़ते हैं।
हमारा उद्देश्य किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा है।
हिंदू एक हो — यही समय की पुकार है।”

उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा में किसी के प्रति अपशब्द नहीं कहे जाएंगे, केवल धर्म का संदेश और एकता का संकल्प दिया जाएगा।


कहाँ-कहाँ से गुज़रेगी पदयात्रा

यह यात्रा दिल्ली से निकलकर जिन प्रमुख स्थानों से गुजरेगी, उनमें शामिल हैं —

जिरखौर

फरीदाबाद

होडल

मिर्ज़ोल

पिठौरा

सीकरी

कोसीकलां

अंत में पदयात्रा वृंदावन धाम पहुंचेगी और श्री बांके बिहारी जी के चरणों में समर्पित होगी।


16 नवंबर को वृंदावन में होगा समापन

यात्रा 16 नवंबर को वृंदावन में पहुंचकर श्री ठाकुर जी के चरणों में समाप्त होगी।
शास्त्री जी ने कहा —

“हम आने वाली पीढ़ियों को सनातन की शिक्षा और एकता की परंपरा सौंपना चाहते हैं।
यह सिर्फ़ यात्रा नहीं, विचारों की क्रांति है।”


क्यों आवश्यक है यह यात्रा?

धर्म और संस्कृति को मजबूत करने का संकल्प

समाज में विभाजन नहीं, एकता का संदेश

युवा पीढ़ी को सनातन की जड़ों से जोड़ने का प्रयास

भारत की आध्यात्मिक पहचान को पुनः सशक्त करने की पुकार

यह यात्रा न तो राजनीति है और न किसी दल का अभियान —
यह भारत की आत्मा को जगाने का कदम है।


24 NEWS का दृष्टिकोण

आज जब समय तेज़ी से बदल रहा है, ऐसे में धर्म, संस्कृति और मान्यताओं की रक्षा केवल संवाद, विचार और एकता से ही संभव है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा चलाई गई यह पदयात्रा आस्था और चेतना का संदेश लिए आगे बढ़ रही है और इसका प्रभाव राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल रहा है।


आगे की पदयात्रा कवरेज के लिए 24 NEWS लगातार आपके साथ रहेगा।

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