बुढ़ार सब्जी मंडी का यह हाल केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि नगर परिषद की असफलता है। जब जगह तय हो चुकी है तो दुकानदारों और ग्राहकों को बुनियादी सुविधाएँ क्यों नहीं दी गईं? यह सवाल टालने का नहीं, जिम्मेदारी तय करने का समय है।
अगर प्रशासन अब भी आंखें मूंदे बैठा रहा तो आने वाले दिनों में कोई भी दुर्घटना या बीमारी की बड़ी लहर सीधी तौर पर नगर परिषद की जवाबदेही होगी। जनता अब और इंतजार करने को तैयार नहीं है।
गुरु पूर्णिमा विशेष | गुरु कभी नहीं मरते… मरता केवल वह मन, जो सीखना छोड़ देता है
यह लेख शुभकामना नहीं, आत्ममंथन का निमंत्रण है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर स्वयं से पूछिए—क्या आपके भीतर का शिष्य अभी भी जीवित है? लेखक: धर्मेन्द्र द्विवेदी प्रधान संपादक, 24…



