मध्यप्रदेश

चयनित शिक्षकों ने किया स्कूल शिक्षा मंत्री के बंगले के सामने प्रदर्शन

भोपाल । सवा साल से सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे पात्र अभ्यार्थियों ने सोमवार को स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के सामने धरना-प्रदर्शन किया। मंत्री तो नहीं मिले, लेकिन उनके यहां के अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। प्रदेश के कई जिलों से आए चयनित शिक्षक करीब 60 की संख्या में राजधानी के डीपो चौराहा पहुंचे और मंत्री के बंगले तक शांति मार्च निकालते हुए गए। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2013 के बाद विभाग ने शिक्षकों की भर्ती नहीं की है। लंबे समय से शिक्षकों की कमी से जूझने के करीब आठ साल बाद शिवराज सरकार ने मप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 का आयोजन किया था। इसके बाद कांग्रेस की सरकार आ गई और उन्होंने सितंबर 2019 में रिजल्ट घोषित कर दिया। इसके तहत प्रदेश में करीब 40 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने करीब 21 हजार पद पर स्वीकृति दी थी। इसको लेकर 1 जनवरी 2020 से स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की।

इसके लिए 1 जुलाई 2020 से प्रावधिक चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची के अभ्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी शुरू हुआ, जो 3 जुलाई 2020 तक जारी था। लेकिन कोरोना के चलते शासन ने इसे रोक दिया जो अब तक शुरू नही हो पाई है। इसके चलते शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है और उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नाराज उम्मीदवारों ने कहा कि अब तक ज्वाइनिंग की तारीखों का ऐलान क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी हुए एक साल से ज्याद समय बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी भी उम्मीदवार का चयन कर नियुक्ति नहीं दी गई है। हमारी मांग सिर्फ ये है कि हमारी नियुक्ति का तय समय हमें बताया जाए।

रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती के लिए आज करेंगे प्रदर्शन

स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर मंगलवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा संघ द्वारा राजधानी भोपाल में समस्त रिक्त पदों पर स्थाई शिक्षकों की भर्ती कराने के लिए प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के अध्यक्ष रंजीत गौर का कहना है कि रिक्त पदों पर स्थाई शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों द्वारा समय-समय पर मांग की जा रही है लेकिन एक भी स्थाई शिक्षक की भर्ती नहीं की है। इस कारण स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति विभाग के रिक्त पदों पर स्थाई शिक्षकों की भर्ती की मांगों को लेकर राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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