मध्यप्रदेश

जिंतूर की महिला ने कहा- गीता के पेट पर है जले का निशान

इंदौर । महाराष्ट्र के परभनी जिले के जिंतूर के एक परिवार ने दावा किया है कि गीता उनकी बेटी है। परिवार की महिला ने कहा कि गीता के पेट पर जले का निशान है। हालांकि गीता के शरीर पर ऐसा निशान पाया भी गया है। ऐसे में अब गीता और महिला का डीएनए मिलान किया जाएगा। पाकिस्तान से आई गीता अब अगले चार माह तक महाराष्ट्र के परभनी में रहेगी। यहां मूक-बधिरों की संस्था पहल फाउंडेशन में रहकर कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेगी। इसके साथ पांचवीं के आगे तक की पढ़ाई ब्रिज कोर्स के माध्यम से करेगी। गीता इंदौर में पिछले पांच साल से रह रही है।

पिछले चार माह से विजय नगर स्थित आनंद सर्विस सोसायटी में रह रही थी। संस्था के संचालक ज्ञानेंद्र पुरोहित के मुताबिक, जिंतूर निवासी लता पांडरे का दावा है कि गीता उनकी बेटी है, जो 20 साल पहले गुम हो गई थी। इस परिवार ने गीता से जुड़े कई तथ्य बताए हैं, जिनका मिलान किया जा रहा है। गीता मां-बाप व परिवार को नहीं पहचान पा रही है। सिर्फ गन्ने के खेत, रेलवे स्टेशन को ही पहचान पा रही है। जिस परिवार ने गीता के अपनी बेटी होने का दावा किया है, उसमें काफी सत्यता लगती है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान से गीता के भारत लौटने के बाद से ही उसके परिजनों की तलाश जारी है। कई लोगों ने इंदौर आकर गीता के अपने परिवार की बेटी होने का दावा किया। इस दौरान कई बार डीएनए टेस्ट भी कराए गए, लेकिन गीता का परिवार नहीं मिला।

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